संगवारी हो जब ले ये कॅरोना आये है तब ये देखथो बदली ह छाय है काबर की डॉक्टर मन किहिन है न की ये कॅरोना के वायरस ह 38 डिग्री ले ज्यादा तापमान म नही रहे सके करके तब ले 28 डिग्री सेल्सियस ले पारा ह उप्पर चड़बे नही करे जैसे लइका मन स्कूल नही जाव कहिके रिसाथे वैसे ही पारा ह उप्पर नही चड़ो कहिके रिसाय है,,अउ लगथे भगवान अउ कॅरोना के सांट गांठ हे, काबर की पिछले बछर फरवरी म ही 38 डिग्री ले तापमान ह पार होंगे रिहिस है अउ एसो साले पूरा मार्च आगे फेर 28 डिग्री ले आघु नही बढ़त हे,,वाह रे ऊपर वाले तोर घला अब्बड़ नखरा,,का चाहथस समझ नही आवत है जैसे तापमान बड़े ल धरते साम होथे करा गिरा थस का चाहथस प्रभु ,,,,मारना हे त एक्के दारी मार न डरा डरा के लइका के पेंट म पानी किसाब करवाबे का,,,
आज सब आदमी मन के हालत बलि के बोकरा कस हो गे हे ,,, अगर चौर ल खइस त कॅरोना ह मारही अउ नई खई त तुतारी मार के चौर ल उप्पर वाले खवाहि,तेकरे सेती तो रही रही के पानी ल गिरावत है तापमान बड़े ल नई देवत है,,,, अउ उपराह म नीचे के अपन सब साखा(मंदिर, मस्जिद,मदरसा, आदि) ल बंद करे है केवल हेड ऑफिस ल खोले है सीधा वही बुलवात हे अउ उँहा जावत है तो ओमला दुबारा भेजत घलो नही है अभी लगभग 6000 आदमी ल बुला डारिस है,,? अउ आज कल तो भगवान अपन परमभक्तो(पुजारी,पादरियों,मुल्ला)मन से भी मिलना बन्द कर देय हे शायद कॅरोना संग एग्रीमेंट में साफ साफ लिखे होही कोई भी रहे कितना भी भक्त रहे कोई ल बचाये के अर्जी लेके नही आ सके कहिके,,,,, वोकरे सेती कॅरोना के कहर म कोई नही बचत है,,,, पर कॅरोना ह बहुत कुछ सीखा दिस भई जे आदमी कल तक कहे एक बार कमेंटमेंट करे के बाद अपन बाप के भी नही सुनव वो आज दूसर के बाप के घलो सुने के चालू कर दिस
पोचहा मैनखे ल हर 10 मिनट म हाँथ धोए बर सीखा दिस,,,आदमी कतका डरपोक है अंदर के डर ल दिखा दिस,अउ मोला तो लाइफबॉय अउ डेटोल, लाईजोल वाले मन ऊपर हंसी आवत है उंकर प्रोडक्ट मन 12 घण्टा तक कीटाणु ले लड़ते त कॅरोना के आये ले काबा लड़ना बंद कर दिन ,,,ये उंकर पोल खोल के रख दिस जो कहे अन्य प्रोडक्ट के अपेक्षा मारे 10 गुना अधिक कीटाणु आज तो बोल के बताये मारे 10 गुना अधिक कोरोना,,,,,सब झन जान डारिन ये सब फालतू प्रोडक्ट हरे कहिके खुद प्रोडक्ट वाले मन लाज के बारे कोई मत चिन्है कहिके मास्क पहिरे के शुरू कर दिन आज पता चलीस की कोरोना के डर के नही लाज के मारे वोमन मास्क पहिरे है, आम आदमी घलो समझगिन प्रोडक्ट ले बेहतर मास्क लगा लेन कहिके,,, कल तक जो बड़े बड़े भविष्यवाणी सुनाए वो मन ल धर के पूछा जाए की कोरोना ल शान्ति करे बर का पूजा करवाये ल पढही,, अउ वो बैगा ल भी पुचबो की कोरोना के बंधन करवाये बर के ठन कूकरी बोकरा लागहि ,,, आज पता चलीस बाबू न भगवान ,न अल्लाह, न गॉड,,, न कोई धर्म इंसान ल बचाही तो केवल विज्ञान ,,,तो मंदिर मस्जिद गिरजाघर बनाये बर लड़े ल छोड़ स्कूल कॉलेज अउ रिसर्च सेंटर खोले बर लड़े बर पड़ही,,,अउ धर्म बर लड़े ल छोडे बर पढ़ही काबर की जेकर धंधा चलथे वही धर्म के वकालत करथे ,,,,काबर की सब ल शिक्षा अउ स्वास्थ्य चाहिए,,


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